श्री नीलकमल मैदा से बनी खस्ता मठरी
30/04/2026 | Shreeneel Kamal
श्री नीलकमल मैदा से बनी खस्ता मठरी
घर पर बनने वाली मठरी एक पारंपरिक नमकीन स्नैक है, जो हर चाय के साथ स्वाद को दोगुना कर देती है। इसकी खस्ता बनावट और हल्का मसालेदार स्वाद इसे हर उम्र के लोगों का पसंदीदा बनाता है। और जब बने श्री नीलकमल मैदा से, तो हर बाइट में मिलता है बेहतरीन कुरकुरापन और भरोसेमंद स्वाद।
आवश्यक सामग्री
1 कप श्री नीलकमल मैदा
2 बड़े चम्मच सूजी
2 बड़े चम्मच घी (मोयन के लिए)
½ छोटा चम्मच अजवाइन
½ छोटा चम्मच नमक
½ छोटा चम्मच काली मिर्च (दरदरी पिसी हुई)
आवश्यकतानुसार पानी
तलने के लिए तेल
बनाने की विधि
आटा तैयार करना
एक बर्तन में श्री नीलकमल मैदा और सूजी डालें। इसमें घी (मोयन), अजवाइन, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छे से मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंध लें। आटे को 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
मठरी बनानाअब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें हल्का बेल लें। कांटे की मदद से मठरी में छोटे-छोटे छेद कर लें ताकि तलते समय मठरी फूले नहीं।
तलनाएक कढ़ाई में तेल गरम करें। अब धीमी आंच पर मठरी को सुनहरा और खस्ता होने तक तलें। ध्यान रखें कि मठरी को धीमी आंच पर ही पकाएं, ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह कुरकुरी बने।
ठंडा करना
तली हुई मठरी को निकालकर ठंडा होने दें। ठंडी होने के बाद यह और भी ज्यादा खस्ता हो जाती है।
परोसने का तरीका
तैयार मठरी को चाय या अचार के साथ परोसें और इसके स्वाद का आनंद लें।
मठरी क्यों है खास
खस्ता और कुरकुरी बनावट
हल्का मसालेदार और स्वादिष्ट स्नैक
चाय के साथ परफेक्ट साथी
श्री नीलकमल मैदा की खासियत
उत्तम गुणवत्ता वाला मैदा
बेहतर टेक्सचर और आसान गूंथाई
हर स्नैक को बनाए और भी स्वादिष्ट
हर कुरकुरे स्वाद में भरोसा, हर बाइट में परंपरा यही है श्री नीलकमल की पहचान।
हर कुरकुरे स्वाद में भरोसा, हर बाइट में परंपरा यही है श्री नीलकमल की पहचान।